समाज को व्यवस्थित रूप देते समय जब साप्ताहिक दिनों को ग्रहों से जोड़कर उनका नामकरण किया गया तब यह ध्यान रखा गया कि किस दिन कौन सा ग्रह पृथ्वी पर आपना अधिक प्रभाव रखेगा, जिसके कारण मनुष्यों पर भी उस ग्रह का प्रभाव पड़ेगा। मंगलवार को मंगल ग्रह का पृथ्वी पर प्रभाव अन्य ग्रहों की अपेक्षा अधिक होता है। खगोलशास्त्र के अनुसार मंगल एक उग्र ग्रह है, इसलिए सप्ताह के इस दिन उसकी तरंगें मनुष्य को अधिक प्रभावित करती हैं, जिस कारण मनुष्य के शरीर में अधिक ऊजर्जा या गरमी पैदा होती है। इससे मनुष्य के शरीर की आंतरिक शक्ति व ताप बढ़ जाता है। प्रकृति ने हमारे शरीर की संरचना इस प्रकार से की है कि वह अपने आप ही आवश्यकता के अनुसार शरीर की
गरमी-सर्दी को संतुलित कर लेता है। इस संतुलन को बनाने में हमारे शरीर के व्यर्थ माने जानेवाले अंग नाखून व बाल दोनों की बड़ी भूमिका होती है, विशेषरूप से मंगलवार के दिन, क्योंकि मंगलवार को शरीर में उत्पन्न होनेवाली अतिरिक्त ऊर्जा व मानव-विद्युत् (Human cleeticiy) को ये दोनों अंग अपने में संचित करके रखते हैं और इस प्रकार से शरीर की आंरिक ऊर्जा या मानव-विद्युत् को संतुलित बनाए रखने में सहायक होते हैं। मंगलवार के दिन जब हम बाल या नाखुन काटते हैं तो शरीर की मानव-विद्युत् का क्षय हो जाता है और उसका आंतरिक संतुलन बिगड़ जाता है, जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक है। इसी वैज्ञानिक सत्य के कारण हमारे पूर्वजों ने इस दिन बाल व नाखून काटने को अनुचित बताया है। आधुनिक विज्ञान का ध्यान शायद अभी तक शरीर के इस वैज्ञानिक तथ्य भी ओर नहीं गया है। निश्चय ही इस पर शोध करने की आवश्यकता है। आज ऐसे अनेक लोग हैं, जिनका मानना है कि इस मान्यता में कोई सत्यता नहीं है, ये सब बातें मात्र अंधविश्वास हैं । परंतु वे यह नहीं समझते कि ऐसा करने से उनका जो शारीरिक नुकसान होता है, वह एक बार में इतना न्यून होता है कि उस नुकसान का एकदम प्रभाव महसूस नहीं होता, पर अंतत: होता जरूर है। वह प्रभाव कुछ समय बाद, जिसके किसी विकार को पैदा कर देता है, वास्तविक कारण का पता ही नहीं चलता। इसी कारण, पहले जब आधुनिक हेयर सैलून नहीं थे तब नाई की दुकानें मंगलवार को बंद रहती थीं। आज भी मंगलवार को ऐसी कुछ दुकाने बंद रहती हैं।
जानकारी अच्छी लगी हो तो हमे शेर करना न भूले ओर अपने दोस्तों तक भी ये जानकारी जरूर भेजे ताकि वो भी इन महत्वपूर्ण पूर्ण तथ्यों को जान सके ।